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Saturday, 10 September 2011

ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है..............


ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है ,
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है
इस तिरंगे का परचम संसार पर हम लहरायें गे,
मर कर भी मिटने न देंगे जहा मैं जो तेरी आन है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................

हम सदा रोशन करेंगे तेरे इस सम्मान को
मिटने न देंगे झुकने न देंगे तेरे इस अभिमान को
हम यहाँ पैदा हुए हमपर यह एहसान है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है














हिमालय से निकली पवित्रता की जो गंगा धार है 

करती है मुक्ति सभी की देत्ती ये मोक्ष का दान है
करते है हम तुझको नमन दिया जो तुने ये वरदान है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................


हरित हरित यह गोद तेरी . ये नीला नीला अंचल है
रंग रंग के पुष्प यहाँ. अठखेली करती हर राग यहाँ विद्यमान है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................





कण कण मे बस्सी है ऐसी शक्ति, जो कर सकती नव निर्माण है

वीरो की है ये जनम भूमि, जो करते सबकुछ कुर्बान है.
हर युग में एक नया जनम लेते यहाँ  भगवन है

ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................

ज्ञान धयान की पूंजी है भारत हर शख्स यहाँ विद्वान है
हर हाथ यहाँ है अविष्कारी करता नव निर्माण है
जब जब बुधी की कलम चली तो बनते यही पर वेड पुराण है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................
तेरी सभ्यता सा दूजा कोई भी, कही भी नहीं परमान है
है तेरी अलग सी छबि होता हमे अभिमान है
सारी दुनिया मैं तेरा ऊचा स्थान है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................




तेरी मट्टी की सोंधी खुश्बो मे प्यार भरा एहसास है
तेरी वायु की छुहन मैं ममता सा पुचकार है
कही न तेरे जैसा कोई हमने देख लिया संसार है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................
 मचल रही है दिल मैं आशाएं कई
अतुल अमर अविनाशी जग मई तेरा ये सम्मान है
कोने कोने मैं गूंजती बस एक आवाज़ है
यही है धरती अपनी प्यारी यही अपना आस्मां है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..................



दुर्गा का रूप है वोह दुष्टों का करती संघार है
तेरा ही रूप है दूजा माँ भारती जिसका नाम है
ए मेरे प्यारे वतन तुझ पर दिल कुर्बान है
इस धरती से लेकर आसमा तक तेरी उची शान है..............
BHARAT MATA KI JAI


..

Wednesday, 17 August 2011

Desh Bhakt

एक नयी हस्ती जन्म लेगी जब भी मेरी हस्ती को मिटाया जायेगा ,
अंधियारों को रोशनी मिलेगी कोई चिराग जब भी जलाया जायेगा ,

फरिस्ता कोई आएगा जरुर मरहम लगाने उसको ,

किसी नेक इंसा पर जब भी जुल्मो सितम ढाया जायेगा

मुश्किलों से पिछा नहीं छुटेगा उसका कभी यारों ,

दुनिया में किसी मासूम का दिल अगर दुखाया जायेगा

बेमुरौवत अगर सारी दुनिया हो जाये तो बता ,

ऐसे में हाले दिल अपना फिर किसको सुनाया जायेगा

मत सोच की नेक करम पर पूजा जायेगा तुझको कभी ,

हकीकत तो है की तेरी हर बात को हसी में उड़ाया जायेगा
Jai Hind

Sunday, 27 March 2011

वन्दे मातरम्


वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्
शस्यशामलां मातरम् ।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं
सुखदां वरदां मातरम् ।। १ ।। वन्दे मातरम् ।
कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले ।
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं
रिपुदलवारिणीं मातरम् ।। २ ।। वन्दे मातरम् ।
तुमि विद्या, तुमि धर्म
तुमि हृदि, तुमि मर्म
त्वं हि प्राणा: शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गडि
मन्दिरे-मन्दिरे मातरम् ।। ३ ।। वन्दे मातरम् ।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदलविहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्
नमामि कमलां अमलां अतुलां
सुजलां सुफलां मातरम् ।। ४ ।। वन्दे मातरम् ।
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां
धरणीं भरणीं मातरम् ।। ५ ।। वन्दे मातरम् ।।